जॉनसन ऐंड जॉनसन – मानवता का मान जॉनसन ऐंड जॉनसन

जॉनसन ऐंड जॉनसन सन् 1886 का उत्तरार्ध था। इधर, भारत में कांग्रेस के उदय के साथ स्वतंत्रता आंदोलन ऊर्जावान् होकर नई राह पकड़ रहा था तो उधर अंग्रेज अपनी महारानी विक्टोरिया को बर्मा (अबम्याँमार) बतौर […]

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Google

गूगल – 100 अरब का खोजी नंबर 1 गूगल

सौ अरब डॉलर का ब्रांड पलक झपकते ही इंटरनेट के अथाह सागर से ढेरों जानकारियाँ ढूँढ़ लानेवाला खोजी नंबर ‘गूगल’ अब दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है। यह दिग्गज सर्च इंजन 100 अरब […]

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Bournvita

बॉर्नवीटा – तन की शक्ति, मन की शक्ति बॉर्नवीटा

बॉर्नवीटा चॉकलेट के लिए दुनिया की दिग्गज कंपनी कैडबरीज को यदि बच्चों के दाँत खराब करने के लिए कोसा जाता है तो उसे बच्चों को सेहतमंद बनाने का श्रेय भी है। बॉर्नवीटा ड्रिंक के माध्यम […]

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कैडबरी

कैडबरी – दो कमरों से सौ देशों में पहुँची कैडबरी

कैडबरी की सफलता वाकई सपनों जैसी लगती है। दो कमरों की एक दुकान से उठकर इसका दुनिया भर में पूरे अदब के साथ फैल जाना एक करिश्मा है। पर, यह सब कैडबरी ब्रदर्स की आगे […]

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Roots of Reservation and the Future of India

Roots of Reservation and the Future of India

Reservation – that’s what we are about to take a look at, in this brief piece.

But before we continue, I must ask you to do something. I want you to put aside all your preconceived ideas, opinions and thoughts about reservation. Try to be empty for a while, and if you can’t then please avoid reading this piece, because it won’t make difference to you anyways if you read with your mind being filled with garbage.

Now, let’s look at this issue with fresh eyes – and I mean literally, fresh eyes – eyes that are very little biased. I am saying very little biased, because it is neurologically impossible to be completely free from biases. The human brain functions on a daily basis, based on biases. That’s very natural. But you must also keep in mind that, not all biases are healthy, many of them are unhealthy and prejudicial. So, let’s try at the very least, to be less biased.

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बाबा रामदेव: द ग्रेट मार्केटियर

ब्रांड लोकल हो या ग्लोबल, सामान्यतः उसकी सफलता उत्पाद की गुणवत्ता पर निर्भर करती है; पर यदि उत्पाद के साथ प्रतिष्ठित ब्रांडनेम जुड़ा हो तो ग्राहक गुणवत्ता परखने के पहले ही उत्पाद लपक लेते हैं। […]

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सफलता के सिद्धांत : अपने जीवन की 100 प्रतिशत जिम्मेदारी लीजिए

  अब मुझे पता चल रहा है कि मेरे साथ जो कुछ भी होता है, उसे मैं ही बनाता हूँ, बढ़ावा देता हूँ और होने देता हूँ। मेरे साथ हर दिन जो कुछ भी हो […]

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आठवण

आम्ही जेवायला बसलो होतो. संध्याकाळचे एकत्र जेवण. अस्मादिक, बायको व मुलगा एकत्र जेवायला बसले की एकत्र जेवण असे म्हणायचे. आता एकत्र कुटुंब राहिलेले नसले, तरी जेवण एकत्र असते. पुढच्या पिढीत त्यालाही फाटा फुटेल कदाचित. विविधभारतीवर लागलेल्या “मेरी […]

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कोलगेट

किसान के बेटे का कमाल कोलगेट एक साधारण किसान का बेटा क्या कमाल कर सकता है, इसकी मिसाल है कोलगेट पामोलिव कंपनी का इतिहास। दुनिया की सर्वाधिक प्रतिष्ठत कंपनियों में से एक कोलगेट की 200 […]

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पी.एम.ए. क्या है?

पी.एम.ए. पॉजिटिवमेंटल एटीट्यूड का संक्षिप्त रूप है; लेकिन यह जीवन के आशावादी दृष्टिकोण से भी बढ़कर बहुत कुछ है। जब आप इसे अच्छी तरह समझते हैं और इसे सही तरह से लागू करते हैं तो […]

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मैकडॉनल्ड्स

कतार से जनमा मैकडॉनल्ड्स बड़े स्वप्न देखो, जोखिम उठाओ, पूरा दम लगाओ और अपने स्वप्न साकार करो।’ स्व. धीरूभाई अंबानी के इस अनुभव-सद्ध कथन का आशय है- अनूठी सफलता केवल अनूठे सोच से नहीं मिलती। […]